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Sanyukt Rashtra Sangh- संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations Organisation in hindi)

Sanyukt Rashtra Sangh की स्थापना को समझने के लिए हमें इतिहास के पन्ने पलटने पड़ेंगे| प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान ही विश्व के लगभग सभी बड़े नेता एक ऐसे संगठन की आवश्यकता महसूस कर रहे थे, जो विश्व की आपस के झगड़े, अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के निदान केंद्र के रूप में कार्य कर सकेंl इसी के परिणाम स्वरूप 1919-1920 में राष्ट्र संघ League of Nations (लीग ऑफ नेशंस) संस्था अस्तित्व में आई थीl

द्वितीय विश्व युद्ध के प्रारंभ होते ही राष्ट्र संघ League of Nations (लीग ऑफ नेशंस) संस्था विफल हो गई और समाप्त हो गईl तत्पश्चात विश्व के बड़े नेता ऐसे अंतरराष्ट्रीय संगठन वैश्विक संस्था के निर्माण की संभावनाओं की तलाश में जुट गए जो अंतरराष्ट्रीय समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान निकाल सके और विश्व युद्ध जैसी विभीषिका से मानवता को बचा सके, इसी के परिणाम स्वरूप जो संस्था अस्तित्व में आई उसी को संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations Organisation in hindi) के नाम से जाना हैl

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Sanyukt Rashtra Sangh- संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations Organisation in hindi)

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना (Sanyukt Rashtra Sangh ki Sthapna kab hui thi)-

Sanyukt Rashtra Sangh (संयुक्त राष्ट्र संघ) की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को 51 सदस्य देशों ने मिलकर की थी इसी उपलक्ष में प्रतिवर्ष 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस के रुप में मनाया जाता हैl

संयुक्त राष्ट्र संघ का उद्देश्य-

यदि प्रश्न पूछा जाए की संयुक्त राष्ट्र संघ (Sanyukt Rashtra Sangh) के उद्देश्य क्या है तो निम्नलिखित उद्देश्य बताए जा सकते है – 

  • मानव जाति की भावी संतति को युद्ध की विभीषिका से मुक्ति प्रदान करनाl
  • अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखनाl
  • शांति को संकट में डालने वाले सभी कार्यों के विरोध के लिए सामूहिक उपायl
  • अंतरराष्ट्रीय झगड़ों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के आधार पर शांतिपूर्ण उपायों से हल करनाl
  • विभिन्न राष्ट्रों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देनाl

संयुक्त राष्ट्र संघ के संस्थापक सदस्य तथा मुख्यालय-

Exam की दृष्टि से संयुक्त राष्ट्र संघ के संस्थापक सदस्यों के बारे में निम्न जानकारी महत्तवपूर्ण है-

  • संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations founder members in hindi) के संस्थापक सदस्यों की संख्या 51 थी|
  • इसके नाम का सुझाव तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट ने दिया थाl
  • 26 जून 1945 को 50 राष्ट्रों ने यूएनओ (UNO) के संविधान पर हस्ताक्षर किया था, बाद में पोलैंड हस्ताक्षर करके 51 वा संस्थापक सदस्य बना थाl
  • संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय न्यूयॉर्क में स्थित है (Sanyukt Rashtra Sangh ka mukhyalay kahan sthit hai)l

संयुक्त राष्ट्र संघ का ध्वज-

Sanyukt Rashtra Sangh Flag (संयुक्त राष्ट्र ध्वज) की पृष्ठभूमि नीले रंग की है और उस पर सफेद रंग से संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रतीक बना है l

UNO FLAG
UNO FLAG

संयुक्त राष्ट्र संघ (Sanyukt Rashtra Sangh) का प्रतीक-

UNO emblem
UNO Emblem

संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations language in hindi) की भाषा-

संयुक्त राष्ट्र संघ की कुल 6 मान्यता प्राप्त भाषाएं हैं-

  1. चीनी
  2. रशियन
  3. अरबी
  4. स्पेनिश
  5. अंग्रेजी
  6. फ्रेंच

संयुक्त राष्ट्र संघ की कार्यकारी भाषा-

कार्यकारी भाषाएं केवल दो हैं –

  • अंग्रेजी और फ्रेंच

संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग-

यदि पूछा जाए की संयुक्त राष्ट्र संघ के कितने अंग है (Sanyukt Rashtra Sangh ke kitne ang hai) तो आप बता सकते है कि संयुक्त राष्ट्र संघ के 6 प्रमुख अंग हैं (Sanyukt Rashtra Sangh ke 6 pramukh ang)|संयुक्त राष्ट्र संघ अपने समस्त कार्य 6 प्रमुख अंगों और विभिन्न समितियों के माध्यम से करता हैl संयुक्त राष्ट्र संघ के अंगो के नाम है-

  1. महासभा (United Nations general assembly in hindi)
  2. सुरक्षा परिषद (United nations security council in hindi)
  3. आर्थिक और सामाजिक परिषद (United nations Economic and Social Council)
  4. प्रन्यास परिषद (United Nations trusteeship council)
  5. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court of justice in hindi)
  6. सचिवालय (United Nations Secretriat)

1- संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly in hindi)-

महासभा (Sanyukt Rashtra mahasabha) संयुक्त राष्ट्र संघ के महत्वपूर्ण अंग में से एक हैl संयुक्त राष्ट्र संघ के समस्त महत्वपूर्ण कार्य सुरक्षा परिषद सिफारिश पर महासभा द्वारा ही होते हैंl

  • यह संयुक्त राष्ट्र संघ का एक विधाई अंग हैl
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा में सभी सदस्य देशो के प्रतिनिधि शामिल होते हैं इसलिए इसे “विश्व की लघु संसद” भी कहा जाता हैl
  • संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रत्येक सदस्य अधिकतम पांच प्रतिनिधि भेज सकता है लेकिन उनका मत मूल्य एक ही होता हैl

महासभा का सत्र-

महासभा के सत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें-

  • महासभा का नियमित सत्र प्रतिवर्ष सितंबर माह के तीसरे मंगलवार से शुरु होकर दिसंबर के मध्य तक चलता हैl
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा (United nations General Assembly in hindi) नियमित सत्र की शुरुआत मे एक नए अध्यक्ष और 21 उपाध्यक्ष का चुनाव करती हैl
  • महासभा के नियमित सत्र के अलावा सुरक्षा परिषद (Sanyukt Rashtra suraksha parishad) की सिफारिश पर विशेष सत्र भी आयोजित किया जा सकता हैl

संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रमुख कार्य (United nations general assembly functions in hindi)-

संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रमुख कार्य (United nations general assembly functions in hindi) निम्नलिखित हैं-

  • संयुक्त राष्ट्र संघ का बजट निर्णय, महासचिव की नियुक्ति, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की न्यायाधीश की नियुक्ति और नए देशों को सदस्यता प्रदान करना आदि महासभा के प्रमुख कार्य हैं (powers and functions of united nations general assembly)।
  • महासभा इन्हें सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर करती हैl

अब हम संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग में आगे बढ़ते है और सुरक्षा परिषद् के बारे में जानेंगे|

पर उससे पहले आपके लिए एक प्रश्न है- संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रथम महासचिव कौन थे? (Sanyukt Rashtra sangh ke pratham mahasachiv kaun the?) यह आप खुद पता करिये|

2- सुरक्षा परिषद (Sanyukt Rashtra Suraksha Praishad)-

  • यह (United Nations Security Council in hindi) संयुक्त राष्ट्र संघ का सबसे प्रमुख अंग हैl
  • सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र संघ (Sanyukt rashtra Sangh) की कार्यपालिका है क्योंकि समस्त कार्यकारी निर्णय सुरक्षा परिषद द्वारा ही लिए जाते हैंl

आइए आगे हम लोग सुरक्षा परिषद की संरचना, उसके स्थाई सदस्य, अस्थाई सदस्य और वीटो शक्ति के बारे में जानते है।

सुरक्षा परिषद की संरचना-

सुरक्षा परिषद् की संरचना निम्नलिखित है-

  • सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र संघ के 15 सदस्यों से मिलकर बनता हैl
  • सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों में से 5 स्थाई सदस्य (5 Permanent members) और 10 अस्थाई सदस्य (10 non permanent members) होते हैंl
  • 5 स्थाई सदस्य हमेशा रहते हैं|
  • 10 अस्थाई सदस्यों (Suraksha Parishad ke asthai sadasya) का चयन महासभा द्वारा 2 वर्षों के लिए होता हैl

सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्य (Suraksha Parishad ke sthai Sadasya)-

सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्य निम्नलिखित हैं-

  1. अमेरिका (United States of America)
  2. रूस (Russia)
  3. ब्रिटेन (Britain)
  4. फ्रांस (France)
  5. चीन (China)

सुरक्षा परिषद में वीटो पावर (Veto Power of Permanent members)-

वीटो पावर एक निषेधात्मक शक्ति है| आइए अब हम लोग जानते हैं कि संयुक्त राष्ट्र संघ में किन सदस्यों को वीटो पावर मिला है और इसका क्या उपयोग है।

  • सुरक्षा परिषद में पांच स्थाई सदस्यों के पास वीटो की शक्ति हैl
  • इसमें (United Nations Security Council) प्रत्येक सदस्य का एक वोट होता है लेकिन प्रक्रियात्मक मामलों में निर्णय के लिए 15 सदस्यों में से 9 सदस्यों का सकारात्मक मत आवश्यक होता है जिस में पांचों स्थाई सदस्य देशों का सकारात्मक मत होना जरूरी हैl
  • अगर कोई भी एक स्थाई सदस्य प्रस्ताव के विरोध में वोट करता है तो प्रस्ताव गिर जाएगा, भले ही बाकी 15 में 14 सदस्यों ने प्रस्ताव के support में वोट किया हो।
  • स्थाई सदस्यों के इस पावर को ही Veto Power कहते हैं।

सुरक्षा परिषद के प्रमुख कार्य (Sanyukt Rashtra Suraksha Parishad ke karya)-

संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर के अनुसार “अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा” का दायित्व सुरक्षा परिषद पर है, इसीलिए सुरक्षा परिषद को “विश्व के पुलिसमैन” की संज्ञा भी दी जाती हैl

3- संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (United Nations Economic and Social Coucil)-

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (United Nations Economic and Social Coucil) से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें-

  • संयुक्त राष्ट्र आर्थिक तथा सामाजिक परिषद, संयुक्त राष्ट्र संघ (Sanyukt Rashtra Sangh) के सदस्य देशों में से ही मिलकर गठित होता है|
  • यह परिषद वैश्विक सामाजिक समस्याओं के साझे हल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय शांति को प्रभावी बनाने का प्रयास करता हैl

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक सामाजिक परिषद की संरचना-

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक सामाजिक परिषद की संरचना निम्नलखत है-

  • आर्थिक सामाजिक परिषद की स्थापना 1945 में की गई थीl
  • प्रारंभ में इस में कुल 18 सदस्य होते थे, 1965 में संयुक्त राष्ट्र चार्टर को संशोधित करके इनके सदस्यों की संख्या बढ़ा कर 27 कर दी गई और 1971 में सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 54 कर दी गई हैl
  • वर्तमान में इस परिषद में 54 सदस्य होते हैंl
  • प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है, एक तिहाई सदस्य प्रतिवर्ष पद मुक्त होते हैं अर्थात प्रतिवर्ष 18 सदस्य बदले जाते हैंl

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद का प्रमुख कार्य-

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक सामाजिक परिषद के महत्त्वपूर्ण कार्य निम्नलिखित है-

  • आर्थिक सामाजिक परिषद विश्व की जनसंख्या के जीवन में सुधार, गरीबी, साक्षरता कार्यक्रमों में सहायता करके अंतरराष्ट्रीय शांति का प्रयास करती हैl
  • यह अंतरराष्ट्रीय मामलों में आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य संबंधी मामलों का अध्ययन करते हैंl

4- प्रन्यास परिषद (United Nations Trusteeship Council)-

प्रन्यास परिषद (United Nations Trusteeship Council) से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें-

  • यह भी संयुक्त राष्ट्र संघ का एक प्रमुख अंग है, जो वर्तमान में निष्क्रिय हैl
  • संयुक्त राष्ट्र संघ (Sanyukt Rashtra Sangh) ने राष्ट्र संघ की मैंडेट व्यवस्था के स्थान पर न्यास पद्धति को स्वीकार किया थाl

न्यास पद्धति का आधार-

न्यास पद्धति का आधार यह है कि “कुछ पिछड़े हुए अल्पविकसित प्रदेशों के निवासी इस योग्य नहीं है कि वे अपने देश का शासन स्वयं कर सके”, अतः दूसरे विकसित देशों की सहायता इन्हें अपेक्षित थी और विकसित देशों का यह दायित्व है कि वह उनके विकास में पूरी सहायता दें, जब तक वह अपना शासन चलाने में स्वयं समर्थ नहीं हो जाते हैं, तब तक इनके हितों की देखभाल न्यास समझते हुए विकसित देश करेंl इनका अपने स्वार्थ के लिए शोषण न करेंl

प्रन्यास परिषद की वर्तमान स्थिति-

1994 के बाद से प्रन्यास परिषद निष्क्रिय है अर्थात किसी देश के शासन क्षेत्र में कोई ऐसा क्षेत्र नहीं हैl

5- अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (Antarrashtriya Nyayalaya)-

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (Antarrashtriya Nyayalaya) से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें-

  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court of justice in hindi) संयुक्त राष्ट्र संघ (Sanyukt Rashtra Sangh) का प्रधान न्यायिक अंग हैl

  • इस न्यायालय ने अंतरराष्ट्रीय न्याय के स्थाई न्यायालय का स्थान ले लिया हैl

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की स्थापना-

  • अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की स्थापना संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र के अंतर्गत 1945 में ही कर दिया गया था लेकिन इसका उद्घाटन अप्रैल 1946 से हुआ था|
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का मुख्यालय (Antarrashtriya nyayalaya ka mukhyalay) द हेग (नीदरलैंड) में हैl

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की संरचना-

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की संरचना निम्नलिखित है-

  • अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में कुल 15 न्यायाधीश होते हैंl
  • अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति सामान्य सभा द्वारा होती हैl
  • इस न्यायालय के न्यायाधीशों का कार्यकाल 9 वर्ष होता है, प्रत्येक 3 वर्ष बाद पांच न्यायाधीश अवकाश ग्रहण करते हैंl
  • न्यायाधीश अपने में से ही एक अध्यक्ष था उपाध्यक्ष को 3 वर्ष के लिए चुनते हैंl
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की कार्यवाही के कोरम में 9 न्यायाधीश होते हैं l
  • कोई भी दो न्यायाधीश एक ही राष्ट्रीयता के नहीं हो सकते हैंl
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की कार्यवाही की भाषा फ्रेंच और अंग्रेजी हैl
  • अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में निर्णय बहुमत से लिए जाते हैंl

तदर्थ न्यायाधीश-

International Court of Justice (अंतरराष्ट्रीय न्यायालय) में तदर्थ न्यायाधीश की नियुक्ति तब होती है जब 2 देशों के बीच का झगड़ा अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के सामने आता है, तब वे राष्ट्र चाहे तो किसी तदर्थ न्यायाधीश को मनोनीत कर सकते हैंl

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के पक्षकार-

  • अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पक्षकार व्यक्ति ना होकर राष्ट्र होते हैं अर्थात दो राष्ट्रों के बीच झगड़े का निपटारा अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में होता हैl
  • अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मामले पक्षकारों की सहमति से ही सुने जाते हैंl

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का क्षेत्राधिकार-

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का क्षेत्राधिकार निम्नलिखित है-

  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय विधि में सम्मिलित समस्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में अपने मामले प्रस्तुत कर सकते हैंl
  • इस न्यायालय का क्षेत्राधिकार संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणापत्र, विभिन्न संधियों में हैl

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के निर्णय की बाध्यता-

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के निर्णय की बाध्यता को लेकर निम्नलिखित प्रावधान हैं-

  • अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के निर्णय पक्षकारों के बीच केवल उस मामले तक ही सीमित होते हैंl
  • अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के निर्णय को पक्षकारों द्वारा पालन न किए जाने पर दंड देने की शक्ति अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के पास नहीं हैl
  • निर्णयों का पालन पक्षकार द्वारा न किए जाने पर न्यायालय सुरक्षा परिषद को सिफारिश कर सकती हैl

6- सचिवालय (United Nations Secretriat)-

सचिवालय (United Nations Secretriat) से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें-

  • सचिवालय संयुक्त राष्ट्र संघ (Sanyukt Rashtra Sangh) के दिन-प्रतिदिन के कार्यों को निपटाता है, अर्थात संयुक्त राष्ट्र संघ का कार्यालय हैl
  • सचिवालय संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रमुख प्रशासनिक अंग है|
  • इसका नेतृत्व महासचिव द्वारा होता हैl
  • सचिवालय का मुख्यालय न्यूयॉर्क शहर में हैl
  • सचिवालय संयुक्त राष्ट्र संघ का एक ऐसा अंग है जो व्यक्तियों के समूह से बनता है ना कि राष्ट्रों के समूह सेl

संयुक्त राष्ट्र संघ (Sanyukt Rashtra sangh) का महासचिव-

संयुक्त राष्ट्र संघ (Sanyukt Rashtra sangh) के महासचिव से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें-

  • महासचिव संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी होता हैl
  • महासचिव की नियुक्ति महासभा द्वारा सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर की जाती हैl
  • महासचिव का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है और वह दोबारा नियुक्ति का पात्र होता हैl
  • यदि पूछा जाए कि संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रथम महासचिव कौन थे?, तो आपका उत्तर होगा- ट्रिगवी ली|

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